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HomeDoordarshan-DTTDigital DTT TV क्या है और भारत में डिजिटल टीवी कैसे लोगो के लिए वरदान है? डिजिटल टेलीविजन कार्यक्रमों को प्रसारित करने के लिए रेडियो सिग्नल के बजाय डिजिटल सिग्नल का उपयोग करता है। डिजिटल सिग्नल के द्वारा देखने वाले व्यक्ति को वीडियो और ऑडियो को क्वालिटी बहुत ही अच्छी मिलती है जो की पूरी तरह डिजिटल क्वालिटी में होती है।भारत ने भी पुराने टेररिस्ट्रियल रेडियो सिग्नल को बंद करके आधुनिक डिजिटल सिग्नल को अपना लिया है। अब इसके द्वारा भारत में टेररिस्ट्रियल टीवी पूरी तरह से डिजिटल हो गया है। digital-tv-min-7525038
बिलकुल, आप बिना इंटरनेट के ही अपने मोबाइल पर डिजिटल टीवी चैनल्स को देख सकते है। सबसे बड़ी बात इसमें प्रसार भारती के टीवी चैनल्स के साथ साथ आपको लोकल प्राइवेट टीवी चैनल्स भी भविष्य में मिलेंगे। लोकल टीवी चैनल्स से तात्पर्य आपके शहर की खबरे, आपके शहर का म्यूजिक, आपके शहर के लोगो की बातचीत जैसे सुझाव एवं शिकायत, शैक्षणिक टीवी चैनल्स आदि वो भी आपकी अपनी भाषा में।बिलकुल, आप लोकल डिजिटल टीवी चैनल्स को अपनी कार, बस, ट्रैन, घर, ऑफिस कही पर भी देख सकते है। इसके लिए सिर्फ आपको डिजिटल सेट-टॉप बॉक्स और टीवी स्क्रीन की आवश्यकता होगी। आजकल जायदातर गाड़ियों में टीवी स्क्रीन आती है और उसमे रेडियो और FM के प्रसारण की व्यवस्था होती है। आपको बस डिजिटल सेट-टॉप बॉक्स अपनी कार में लगाना होगा फिर आप चलती हुयी कार में भी सभी चैनल्स को देख सकते है।डिजिटल टीवी देखने के लिए अगर आपके पास आधुनिक टीवी है तो उसमे डिजिटल टीवी टुयूनर पहले से ही होगा। अगर डिजिटल टीवी ट्यूनर नहीं है तो आप डिजिटल सेट-टॉप बॉक्स की सहायता से देख सकते है। इसमें छोटा ऐन्टेना लगता है जिसे आप घर के अंदर, खिड़की के पास लगा सकते है।भारत में डिजिटल टीवी अभी शुरूआती दौर में है। अगर आपके पास डिजिटल टीवी या डिजिटल सेट टॉप बॉक्स है तो आप डिजिटल चैनल्स को देख सकते है। टेस्टिंग के तौर पर अभी प्रसार भारती दूरदर्शन के 5 -10 चैनल्स का प्रसारण किया जा रहा है।
आप दूरदर्शन डी टीटी डिजिटल टीवी के चैनल्स की संख्या एवं किन किन शहरों में चालू हुए है – आप यहाँ से देख सकते है।जैसा की आपको बताया की डिजिटल टीवी अभी शुरूआती दौर में है। अभी सरकार को चाहिए की ज्यादा से ज्यादा प्राइवेट टीवी चैनल्स को इसमें जोड़े। लोकल चैनल्स की प्राथमिकता सबसे पहले होनी चाहिए। इसके लिए अभी सभी चैनल्स को फ्री में जुड़ने के लिए आमंत्रित करना चाहिए। सरकार को हर दूरदर्शन केंद्र में कम से कम 50 से ज्यादा टीवी चैनल्स को जोड़ने का लक्ष्य रखना चाहिए। जिससे लोग डिश ऐन्टेना छोड़कर लोकल डिजिटल टीवी की तरफ अपना झुकाव करे।इसके लिए आपको विकसित देशो की डिजिटल टीवी पर की गयी केस स्टडी को पढ़ना होगा। और फिर आपको पता चलेगा की ये लोकल लोगो के लिए वरदान की तरह है। उन्ही कुछ स्टडी में से मै आपको उदाहरण देता हु –

  • लोकल डिजिटल ट्रांसमीटर के द्वारा लोकल बिज़नेस में उछाल आएगा जैसे की कोचिंग सेण्टर अपना लोकल चैनल बनाकर लांच कर सकते है। ये फिर लोकल भाषा में प्रसारित होने वाला चैनल उस अपने शहर के विज्ञापन, सुझाव आदि दिखायेगा जिससे लोगो में ज्ञान विज्ञान का प्रसार होगा।
  • उस शहर का लोकल प्रशासन अपने शहरवासियो को नयी नयी योजनाओं के बारे में सूचित कर सकता है।
  • इस तकनीक से लोग FM और रेडियो चैनल्स भी सुन सकते है उन्हें अलग से कोई डिवाइस खरीदने की जरुरत नहीं होगी।
  • इस तरह की नेटवर्क को विकसित करने के लिए केबल ऑपरेटर भी सहायता कर सकते है, क्युकी जायदातर केबल टीवी ऑपरेटर अपना लोकल न्यूज़ चैनल चलाते है। इससे वो अपने केबल टीवी का प्रचार प्रसार के साथ साथ लोकल विज्ञापन से भी कमा सकते है।
  • डिजिटल टीवी के द्वारा पे टीवी चैनल्स को भी चलाया जा सकता है इससे पे टीवी चैनल्स एक अलग से प्रोग्राम के फीड लेकर लोकल विज्ञापन के द्वारा भी कमा सकते है।
  • सॅटॅलाइट फ्री टु एयर चैनल्स भी इसमें जुड़ सकते है, वे अपनी अलग फीड लेकर लोकल विज्ञापन को प्रसारित करके और भी ज्यादा कमा सकते है।
  • इससे सरक़ार को भी फायदा होगा वो अपने टीवी स्लॉट को किराए पर देकर अच्छा खासा कमा सकती है। या टीवी चैनल्स को होने वाली आमदनी में से कुछ परसेंट ले सकती है।

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